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लेखक : योगी अशविनी
मूल्य : 120/- रुपय
संपादक : ध्यान फाउन्देशनisbn : 978-81-904506-5-2
no. of pages: 184
size : 7.5’’x 5’’x .5’’ approx
no. of pages: 184
size : 7.5’’x 5’’x .5’’ approx
कदाचित आप विशवास करना चाहें अथवा नहीं , यह पुस्तक बिना पूरी तरह से पढ़े ऐसे ही रख देने के लिए नहीं है .
-कॉस्मोपोलिटन, जनवरी 2010
इस पुस्तक की समस्त कहानियां इस तथ्य की सूचक हैं की श्रद्धा और योग किसी भी मानवीय जीवन को सार्थक रूप से परिवर्तित करने में सक्षम है.
इस पुस्तक में इतनी शक्ति है की यह और अधिक लोगों को अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित कर सकती है जिससे की वे और अधिक परिपूर्ण जीवन का अनुभव कर सकें.
-हिंदुस्तान टाइम्स, साउथ एक्स कनेक्ट
एक ब्यूरोक्रेट होने के नाते मैं अपने कार्य के सिलसिले में विश्व भर में यात्रा करता हूँ. मैंने कई चमत्कारी गाथाओं के बारे में पढ़ा और सुना है. परन्तु उन सब में कमी यही थी की वे ज्ञानी अपने शारीर त्याग चुके थे और वे व्यक्ति भी इस संसार में नहीं थे जो इन चमत्कारों का अनुभव कर चुके थे . इसलिए तार्किक चित्त विचार, सर्वदा प्रमाणों और स्वयं के अनुभवों के अभाव में असंतुष्ट रहता है. यह पुस्तक उसी खाई को पाटती है और प्रमाण सहित तार्किक बुद्धि के लिए 51 अनुभवों को प्रतुत करती है. आज के युग में ऐसे योगी से साक्षात्कार होना और उनकी क्षमताओं का अनुभव भी प्रमाण सहित करना वास्तव में अद्भुत है
- एम् एम् नाम्बियार, सचिव, नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार
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इ-बी
Yeh pustak bikul satya hai aur Guru kripa se hamara sakshatkar karwati hai.
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